इंदौर: ओम नमः शिवाय दुपट्टा देख दिग्विजय बोले- कामरेड से क्या लेना-देना?
इंदौर में पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह से मिलने पहुंचे कम्युनिस्ट पार्टी से जुड़े एक नेता 'ओम नमः शिवाय' लिखा दुपट्टा लेकर आए, जिस पर दिग्विजय सिंह ने पूछा कि इसका कामरेड पार्टी से क्या लेना-देना है। यह बातचीत अब राजनीतिक हलकों में चर्चा में है।

एक मुलाकात, एक दुपट्टा और उस पर लिखे तीन शब्द। इंदौर में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की एक छोटी-सी टिप्पणी अब राजनीतिक गलियारों में बड़ी चर्चा बन गई है।
सवाल दुपट्टे पर लिखे 'ओम नमः शिवाय' को लेकर था। लेकिन दिग्विजय सिंह ने ऐसा क्या पूछ लिया, जो चर्चा का विषय बन गया?
विज्ञापनआपका बिज़नेस, पूरे इंदौर की नज़र मेंसूर्योदय न्यूज़ पर विज्ञापन दें — वेबसाइट, YouTube, Instagram और Facebook पर।रेट जानें →मुलाकात कहां और किससे हुई
पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह इंदौर की रेसीडेंसी कोठी पर थे। यहां उनसे मिलने कम्युनिस्ट पार्टी के कार्ड होल्डर और इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) के पूर्व उपाध्यक्ष रह चुके एक नेता पहुंचे।
वे अपने साथ एक दुपट्टा लेकर आए थे, जिस पर 'ओम नमः शिवाय' लिखा था।
दुपट्टा देखकर क्या बोले दिग्विजय
दुपट्टे पर 'ओम नमः शिवाय' लिखा देखकर दिग्विजय सिंह ने सवाल किया कि इसका कामरेड पार्टी से क्या लेना-देना है।
कम्युनिस्ट विचारधारा को आम तौर पर धर्म से दूरी रखने वाली विचारधारा के रूप में देखा जाता है। शायद इसी वजह से एक कामरेड के हाथ में धार्मिक संदेश वाला दुपट्टा देखकर यह सवाल आया।
फिर क्या हुआ
इस पर उस नेता ने दिग्विजय सिंह को दुपट्टे पर लिखे संदेश के बारे में बताया। दोनों के बीच हुई यह बातचीत कैमरे में आई और इसके बाद मामला राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया।
इंदौर की राजनीति इन दिनों कई मुद्दों पर गर्म है। जल संकट पर भी भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने हैं, पढ़ें: नर्मदा के चौथे चरण पर कांग्रेस के सवाल।
क्यों हो रही है चर्चा
दिग्विजय सिंह अपने बयानों को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहते हैं। धर्म और राजनीति से जुड़े उनके बयान पहले भी बहस का कारण बने हैं। इस बार सवाल किसी विरोधी दल पर नहीं, बल्कि वामपंथी विचारधारा से जुड़े एक नेता के दुपट्टे पर था, इसलिए यह बात लोगों का ध्यान खींच रही है।
आगे क्या
फिलहाल इस बातचीत पर किसी दल की ओर से औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। सोशल मीडिया पर वीडियो को लेकर लोग अपनी-अपनी राय दे रहे हैं। देखना होगा कि यह चर्चा आगे किसी राजनीतिक बयानबाज़ी में बदलती है या नहीं।
धर्म और आरक्षण से जुड़ी एक और राजनीतिक प्रतिक्रिया: सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर कैलाश विजयवर्गीय और महापौर।
और पढ़ें

2055 तक पानी का इंतज़ाम, पर आज कम प्रेशर क्यों? इंदौर में नर्मदा चौथे चरण पर सवाल
इंदौर में 2055 तक की जल जरूरतें पूरी करने के लिए नर्मदा परियोजना के चौथे चरण पर काम चल रहा है और महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने शुक्रवार को जलूद में निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। कांग्रेस ने सवाल उठाया है कि मौजूदा सप्लाई में ही कई इलाकों में कम प्रेशर और गंदे पानी की शिकायतें हैं।

पैसों पर झगड़ रहे थे दो युवक, थाने में खुला साइबर ठगी का राज: इंदौर
इंदौर की तुकोगंज पुलिस ने साइबर ठगी के लिए बैंक खाते किराये पर देने के आरोप में हिमांशु शर्मा और आर्यन साहू को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक इन खातों से जुड़े करोड़ों रुपये की ठगी के मामले गुजरात, महाराष्ट्र, तेलंगाना और जबलपुर में सामने आए हैं।

इंदौर: मेंदोला के संरक्षण वाले गरबा में बच्ची को धक्का, भाजपा नेता का वीडियो वायरल
इंदौर में विधायक रमेश मेंदोला के संरक्षण में होने वाले मां कनकेश्वरी गरबा पंडाल का एक वीडियो वायरल है, जिसमें भाजपा के राजमाता जीजाबाई मंडल अध्यक्ष कमल चौहान करीब 15 साल की एक बच्ची को धक्का देकर पंडाल से भगाते दिख रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पार्टी ने उन्हें तलब कर स्पष्टीकरण मांगा है, जबकि उनका अपना पक्ष अभी सामने नहीं आया है।
इससे जुड़े वीडियो

इंदौर पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, विभिन्न गरबा आयोजनों में हुए शामिल

अमेरिका से लौटे महापौर पुष्यमित्र भार्गव का सम्मान, जल संकट और स्वच्छता पर हुई चर्चा

इंदौर में जल संकट पर सियासत तेज, बीजेपी की बैठक में कम विधायकों की मौजूदगी पर कांग्रेस के सवाल

धर्मांतरण के बाद आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का कैलाश विजयवर्गीय और महापौर ने किया स्वागत

लोगों ने दीं पुरानी किताबें, बन गई लाइब्रेरी: इंदौर के 6 सरकारी स्कूलों में RRR पहल


