संपादकीय नीति
हमारा काम है जनता तक सही और संतुलित खबर पहुंचाना। ये नियम हमारी हर खबर पर लागू होते हैं।
तथ्य और स्रोत
- हर खबर ज़मीनी रिपोर्टिंग, आधिकारिक बयान, पुलिस/प्रशासन की जानकारी या प्रत्यक्षदर्शियों पर आधारित होती है।
- जहां जानकारी पुलिस या किसी पक्ष की ओर से है, वहां हम साफ़ लिखते हैं — “पुलिस के मुताबिक”, “आरोप है”।
आरोप और निष्पक्षता
- किसी आरोपी को अदालत से दोष साबित होने तक दोषी नहीं लिखा जाता।
- यौन अपराध के पीड़ितों और नाबालिगों की पहचान कभी उजागर नहीं की जाती।
- जहां संभव हो, दोनों पक्षों की बात रखी जाती है।
सुधार नीति
गलती होने पर हम उसे जल्द सुधारते हैं। सुधार के लिए खबर का लिंक और सही जानकारी [email protected] या WhatsApp 095164 66000 पर भेजें।
प्रायोजित सामग्री
विज्ञापन और प्रायोजित सामग्री पर हमेशा “विज्ञापन” या “प्रायोजित” लिखा होता है। विज्ञापनदाता हमारी खबरों की सामग्री तय नहीं करते।
तकनीक और AI का उपयोग
वेबसाइट के कुछ लेख हमारी अपनी वीडियो रिपोर्टिंग के आधार पर AI टूल की मदद से तैयार किए जाते हैं। इन लेखों में केवल वही तथ्य होते हैं जो हमारी रिपोर्ट में हैं, और ये इसी संपादकीय नीति के तहत प्रकाशित होते हैं।

